ज्योति जांगड़ा, हिसार 

भारत की सुंदरता और प्यार ने हमेशा ही विदेशी लोगों का मन जीता है। भारतीय लोग हमेशा ही विदेशी लोगों से अच्छा व्यव्हार करते हैं और उसकी गूंज विदेशों में सुनाई देती हैं। केरल के लोगों ने देश का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया हैं। ऐसी ही एक कहानी जॉनी पॉल पीयर्स की है। भारत में कोरोना के चलते अचानक लगे लॉकडाउन के कारण कई विदेशी लोग भारत में फंस गए हैं। ऐसे में सभी विदेशी अपने देश वापस लौटना चाहते हैं। 74 वर्षीय अमेरिका निवासी जॉनी पॉल पियर्स भारत में घूमने आए थे परंतु अब वह यही भारत में रहना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 
जॉनी पॉल पियर्स 26 जनवरी को पांचवीं बार भारत आए थे। वह केरला के एनार्कुलम के कुंदनाडू में रह रहे थे। टूरिस्ट वीजा के अनुसार कोई भी व्यक्ति 180 दिनों तक भारत में रह सकता है। पियर्स का वीजा 24 अगस्त को खत्म हो जाएगा। इसलिए पियर्स बिज़नेस वीजा के लिये कोर्ट में याचिका दायर कर रहे हैं। 
पियर्स कहते हैं कि "मैं भारत में ही रहना चाहता हूं. मैं यहीं पर रह कर बिज़नेस करूंगा. मैंने केरल हाईकोर्ट से दरखास्त की है कि मेरा टूरिस्ट वीजा बिजनेस विजा में बदल दिया जाए। यहां की सरकार जिस तरह से जनता का ध्यान रखते हैं अमेरिका में ऐसे नहीं है। मैं अपने परिवार को भी यही रहने के लिए आने को कह रहा हूं. मेरे लिए केरल बहुत सुरक्षित स्थान है। यहां कोरोना महामारी भी कम है। आपको बता दें कि पियर्स केरला के वागामेन में रहने के लिए घर तलाश रहे हैं. पियर्स के मुताबिक वागामेन रहने के लिए एक बहुत ही परफेक्ट जगह है साथ में पीयर्स ने केरल में फ़िल्म बनाने का भी विचार किया है। 

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