मनीषबलवान सिंह जांगड़ा, हिसार
दिल्ली सरकार ने कोरोना महामारी के चलते दिल्ली में सभी कॉलेज व यूनिवर्सिटी के एग्जाम को रद्द करने का फ़ैसला किया है। दिल्ली में अब फाइनल ईयर के एग्जाम को भी रद्द करने का फ़ैसला किया है। गृह मंत्रालय के आदेश पर यूजीसी द्वारा फाइनल ईयर के एग्जाम को लेकर जारी की गई गाइडलाइंस के तहत देश के सभी राज्यों में अनिवार्य रूप से सितम्बर में परीक्षाएं करवाने का आदेश है लेकिन ये फ़ैसला यूजीसी की गाइडलाइंस के ठीक उलट है।
दिल्ली के शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया ने एक वीडियो संबोधन के माध्यम से कहा, ‘इस पूरे सेमेस्टर कॉलेज के बच्चों की परीक्षा नहीं हुई। थोड़ी बहुत ऑनलाइन पढ़ाई हुई लेकिन ज़्यादातर गतिविधियां बंद रहीं। जब पढ़ाई नहीं हुई तो समस्या ये है कि परीक्षा कैसे लें। ये असामान्य समय है और इसमें असामान्य फ़ैसले लिए जाने चाहिए। इसलिए सभी सेमेस्टर और फाइनल परीक्षाओं को रद्द करने का फ़ैसला लिया गया है।’

राज्य यूजीसी के नियमों की अनदेखी नही कर सकते।

हालांकि यूजीसी के एक अधिकारी ने कहा की राज्य यूजीसी की गाइडलाइंस की अनदेखी नही कर सकते। नाम गुप्त रखने की शर्त पर उन्होंने कहा, "यूजीसी केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई सवैंधानिक निकाय(Statuary body) है। हम जो नियम बनाते हैं राज्य उनकी अनदेखी नही कर सकते।"

अधिकारी ने कहा की यूजीसी ने अनिवार्य रूप से परीक्षा को लेकर जो गाइडलाइंस जारी की हैं वे दुनियाभर की टॉप यूनिवर्सिटी को देखकर बनाई गई हैं। दुनियाभर की सभी यूनिवर्सिटीज ने परीक्षा लेकर परिणाम घोषित करने का फैसला किया है ऐसे में अगर हम परीक्षाएं नही करवाएंगे तो दुनियाभर में हमारी शिक्षा के स्तर को धक्का लगेगा।

दिल्ली सरकार ने सभी छात्रों को प्रमोट करने का फैसला किया।

दिल्ली सरकार ने पिछली परीक्षा व आंतरिक परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर सभी छात्रों को प्रमोट करने का फैसला लिया है जिससे लाखों छात्रों को राहत मिलेगी। सरकार ने सभी यूनिवर्सिटीज को इसी आधार पर रिजल्ट निकालने का आदेश जारी किया है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने मीडिया को बताया की हमने प्रधानमंत्री को पत्र लिख अनुरोध किया है कि देशभर की सभी यूनिवर्सिटीज में भी इसी तरह के फैसला ले जैसा दिल्ली सरकार ने लिया है।

यूजीसी ने सितम्बर के अंत में एग्जाम लेने का फ़ैसला किया था।

बीते सोमवार को गृह मंत्रालय ने यूजीसी को देशभर की यूनिवर्सिटी व संस्थानों में अनिवार्य रूप से फाइनल के एग्जाम सितम्बर में करवाने के आदेश दिया था। गृह मंत्रालय के अनुसार छात्रों को डिग्री लेने के लिए परीक्षाएं देनी होंगी। इसके लिए यूजीसी ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर(एसओपी) भी जारी किया। जिसमे यूजीसी ने आईएमटी व कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में भी इसी आधार पर एग्जाम लिए जाने का हवाला दिया। 
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