रामदेव बाबा ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस,  करोनिल दवा का विवाद खत्म। 

ज्योति जांगड़ा, हिसार 

करोनिल दवा लॉन्च के बाद से हुए विवाद पर आज रामदेव बाबा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। बाबा रामदेव ने यह प्रेस कॉन्फ्रेंस आचार्य बालकृष्ण के संदर्भ में की।  कोरोना की दवा बनाने के पतंजलि के दावों पर आयुष मंत्रालय की ओर से मिले नोटिस और प्रचार प्रसार पर रोक लगाने संबंधी विवादों को आज बाबा रामदेव ने पटाक्षेप कर दिया है।
बाबा रामदेव ने कहा कि "आयुष मंत्रालय ने पतंजलि के कार्य की प्रशंसा की है और कहा कि पतंजलि ने कोविड-19 के खिलाफ एक अच्छा कार्य किया है। बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ लोग हमारे कार्य को लेकर अच्छा नहीं सोच रहे हैं। कुछ ड्रग माफिया चाहता था कि करोनिल और श्वासारी बैन हो। मैं नहीं कहता कि सभी इस कार्य का सत्कार करे परंतु कोई तिरस्कार भी ना करें। 23 जून को करोना के संदर्भ में जो Randomise Placebo Controlled Clinical Trials किया गया था उसमें 3 दिन में 69% और 7 दिन में 100% कोरोना मरीज़ ठीक हुए हैं।"

500 वैज्ञानिक काम कर रहे-

बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ लोग यह कहते हैं कि हमने कानून के खिलाफ जाकर यह दवा बनाई हैं। लेकिन हमने आयुष मंत्रालय से अप्रूवल भी लिया था और लाइसेंस भी अप्रूव करवाया था। हमने रिसर्च व क्लिनिकल ट्रायल डाटा की एक कॉपी आयुष मंत्रालय को भी भेजी थी। हमारे साथ 500 साइंटिस्ट की एक टीम कार्य कर रही है। हम ना केवल कोरोना बल्कि दूसरी बीमारियों पर भी रिसर्च कर रहे है। हमने नियम और कानूनों के मुताबिक ही रिसर्च किया है। हमने इस  करोनिल दवा में अश्वगंधा, तुलसी और गिलोय जैसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का प्रयोग किया हैं। 

करोनिल का नाम श्वासारि कोरोनिल किट-

बाबा रामदेव ने कहा कि आप "इस औषधि को कोविड-19 मैनेजमेंट में काम करने वाली दवा भी कह सकते हैं। हमने level-1 की रिसर्च कर ली है अभी लेवल 2 और 3 की टेबल रिसर्च करनी बाकी है। हमने केवल माइल्ड व मॉडरेट पेशेंट पर ही अभी यह दवा प्रयोग की है। बाबा रामदेव ने कहा कि आयुर्वेदिक दवा का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता हैं। यह केवल बेनिफिट देती है यह एक इम्यूने बूस्टर दवा है। आयुष मंत्रालय ने इस दवा का नाम करोनिल से श्वासारि कोरोनिल किट बदल दिया हैं।"
बाबा रामदेव ने सभी के सवालों का जवाब देते हुए कहा की जल्द ही 535 रुपये की श्वासारि कोरोनिल किट बाज़ार में उपलब्ध होंगी। 

और नया पुराने