इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय ने आगामी परीक्षाओं हेतु (मानक परिचालन प्रक्रिया) को किया आज जारी

रेवाडी,
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय ने आगामी UG एवं PG परीक्षाओं के लिए अपनाई जाने वाली मानक कार्यप्रणाली जारी कर दी है और इसे सभी संबद्ध कॉलेजों के प्रिंसिपल के पास भेज दिया गया है|
इसके अनुसार जून के अंतिम सप्ताह से शुरू होने वाली UG की परीक्षाओं एवं जुलाई से शुरू होने वाली PG के परीक्षाओं की संभावित डेट शीट पहले ही जारी कर दी गई है| इस डेट शीट पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार से मिलने वाले दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया जाएगा| परीक्षाओं के लिए पारंपरिक प्रणाली ही प्रयोग की जाएगी| पहले चरण में परीक्षाएं अंतिम सेमेस्टर के लिए ली जाएंगी| इसके अतिरिक्त एमकॉम ऑनर्स के छठवें समेस्टर एवं पीएचडी कोर्सवर्क तथा रिअपीयर की परीक्षाएं भी पहले चरण में ली जाएगी| शेष विद्यार्थियों के लिए परीक्षा संबंधी दिशा निर्देश बाद में जारी किए जाएंगे| बीफार्मा, एलएलबी एवं बीटेक को छोड़कर सभी यूजी कोर्स की परीक्षाएं 3 शिफ्टो में आयोजित की जाएंगी जिनका समय 9:00 से 11:00 बजे, 12:00 से 2:00 बजे एवं 3:00 से 5:00 बजे का रहेगा| परीक्षार्थी को कुल 4 प्रश्न करने के लिए कहा जाएगा| अनिवार्य प्रश्न जिसमें पहले 2 -2 नंबर के 8 भाग होते थे अब उसमें परीक्षार्थी को 8 में से केवल 5 भागों के ही उत्तर देने होंगे| शेष तीन प्रश्न विद्यार्थी किसी भी भाग से कर सकेगा| यानी प्रत्येक इकाई से एक प्रश्न चुनने की बाध्यता समाप्त कर दी गई है| सभी PG कोर्स LLB, बीटेक एवं बीफार्मा की परीक्षाएं 3 घंटों के लिए आयोजित की जाएगी| इसमें प्रश्नपत्र का पैटर्न पुराने वाला ही रहेगा| परंतु प्रत्येक यूनिट से एक प्रश्न करने की बाध्यता यहां भी समाप्त कर दी गई है अर्थात परीक्षार्थी एक अनिवार्य प्रश्न करने के उपरांत बाकी चारों प्रश्न किसी भी यूनिट से कर सकता है| सभी प्रश्न सामान अंको के होंगे I इसके अतिरिक्त लिए गए एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के अंतर्गत विद्यार्थी को उसके उपस्थिति के लिए मिलने वाले 5 अंकों को समाप्त करके उसे असाइनमेंट के अंकों में जोड़ दिया गया है| इसका अर्थ यह है कि आंतरिक मूल्यांकन में अब 10 नंबर क्लास टेस्ट के आधार पर दिए जाएंगे और बाकी 10 नंबर असाइनमेंट के आधार पर दिए जाएंगे| प्रायोगिक परीक्षाओं जैसे प्रेक्टिकल, वाइवा एवं प्रोजेक्ट मूल्यांकन से संबंधित प्रायोगिक परीक्षाएं कॉलेज अपने स्तर पर आयोजित करवा सकेंगे बशर्ते उनका मूल्यांकन क्लास टीचर द्वारा की द्वारा नहीं होना चाहिए| बाहरी एक्सपर्ट को बुलाने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है| इस बार परीक्षा ड्यूटी सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य होगी| इसके अतिरिक्त सभी कॉलेजों को यह निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षाएं आयोजित करवाने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग एवं कोविड-19 को देखते हुए सरकार की तरफ से मिलने वाली विभिन्न प्रकार के दिशा निर्देशों के अनुपालन वे अपने स्तर पर होना सुनिश्चित करें| 

 हम विद्यार्थियों के हितों के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं और यह सभी दिशा निर्देश उनके हितों को ध्यान में रख कर जारी किये गए हैं। विद्यार्थी किसी भी बहकावे अथवा राजनीतिक उकसावे में न आए। कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ सिद्धि के लिए विद्यार्थियों को उकसाने का काम कर रहे हैं, जिनसे उन्हें चौकन्ना रहने की जरूरत है।
- प्रो. एसके गक्खड़, कुलपति इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर
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