मनीषबलवान सिंह जांगड़ा, हिसार
पिछले हफ़्ते राजनीतिक गलियारे में मणिपुर की 3 साल से चल रही भाजपा गठबंधन सरकार के गिरने की अटकलें तेज़ हो गयी थी जब सरकार के चार मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से नाराज़ होकर इस्तीफ़ा दे दिया था. कहा जा रहा था कि कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री इबोबी सिंह भाजपा गठबंधन सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में पूर्वोत्तर के राज्यों के मामले में पैनी नज़र रखने वाले राष्ट्रीय महासचिव राम सिंह माधव बुधवार को इम्फाल में सरकार को संकट से उभारने पहुंचे. माधव का दौरा ऐसे वक़्त में हुआ जब सीबीआई ने कांग्रेस दल के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री इबोबी सिंह से भ्रष्टाचार के एक कथित मामले में पूछताछ की है.
गौरतलब है कि पिछले हफ़्ते भारतीय जनता पार्टी के तीन विधायकों ने पार्टी छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया था. जबकि सरकार के गठबंधन में शामिल नेशनल पीपुल्स पार्टी( एनपीपी ) के चार विधायकों समेत कुल 6 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था. 60 सीटों वाली मणिपुर विधानसभा में भाजपा गठबंधन के पास कुल 32 विधायकों का समर्थन है लेकिन 9 विधायकों के समर्थन वापिस लेने से सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे थे. ऐसे में राष्ट्रीय महासचिव राम सिंह माधव पार्टी के लिए संकटमोचक की भूमिका में इम्फाल पहुंचे. 
माधव ने मीडिया से कहा कि पिछले एक साल से सरकार के भविष्य पर सवाल उठाए जा रहे हैं लेकिन गठबंधन की सरकार हमेशा से स्थिर रही है और लगातार चुनाव जीतती रही है. बिरेन सिंह के नेतृत्व में भाजपा- गठबंधन सरकार 2022 तक अपना कार्यकाल पूरा करेगी.
इसी बीच कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री से सीबीआई की।पूछताछ को राजनीतिक बदले की करवाई बताया है. कांग्रेस नेता गौरव गगोई ने ट्वीट कर कहा, " भाजपा एक अलोकप्रिय मुख्यमंत्री को बचाने के सारे प्रयास विफल होंगे और सीबीआई से लोगों का विश्वास उठ जाएगा".
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