गुरूग्राम के सीएमओ और एडीसी पहली बार पहुंचे पटौदी

कोरोला योद्धाओं को उपहार अपने हाथों देने से किया परहेज

फतह सिंह उजाला
पटौदी ।
  जिला गुरुग्राम में बेलगाम हो रहे कोविड-19 दौऱ के बीच में मंगलवार को गुरुग्राम के एडीसी और सीएमओ पहली बार पटौदी नागरिक अस्पताल पहुंचे। अस्पताल परिसर में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कोरोना काल के दौरान सर्वे और थर्मल स्कैनिंग करने वाली एएनएम और आशा वर्कर का सम्मान सहित प्रोत्साहन किया जाना था । इनके द्वारा कोरोला काल में समर्पण भाव से किए गए कार्य के लिए मंच से दिल खोलकर कसीदे पढ़े गए । लेकिन जब आशा वर्कर और एएनएम को दिए जाने वाले उपहार सम्मान किट की बारी आई तो, अधिकारियों ने यह सम्मान अपने हाथों से देने में एक प्रकार से परहेज ही बरता । सभी आशा वर्कर वह और एएनएम अपने सम्मान किट को लेकर स्वयं बरामदे में पहुंची और यहां पर सामूहिक चित्र खिंचवाई गए ।

इस मौके पर गुरुग्राम के अतिरिक्त जिला उपायुक्त प्रशांत पवार ने कहा कि हम सभी को मिलकर कोरोना का हराना है । इस को हराने का बेहद सरल और कारगर उपाय यही है कि मास्क अवश्य पहने और 2 गज की दूरी को बना करके रखें । इस कार्यक्रम के दौरान जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीरेंद्र यादव ने कहा की स्वास्थ्य विभाग , शासन प्रशासन और सरकार का पहला लक्ष्य यही है कि जल्द से जल्द कोरोना संदिग्धों की पहचान सुनिश्चित की जाए । सबसे अधिक कोविड-19 पॉजिटिव वाले क्षेत्रों को 8 जोन में बांटा गया है और लक्ष्य रखा गया है कि 14 जुलाई तक इन सभी 8 जोन में घर घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति की जांच करते हुए इनका रिकॉर्ड रखा जाए । जिससे कि यह सुनिश्चित हो कि करोना कोविड-19 के संदिग्ध किस क्षेत्र में घट रहे हैं या फिर अन्य क्षेत्रों में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं । डॉ यादव ने कहा कोरोना से डरने की कोई जरूरत नहीं प्रत्येक व्यक्ति कोविड-19 से सुरक्षित रह सकता है।  इसके लिए बिना वजह घर से बाहर ना निकले , फेस कवर अथवा मास्क अवश्य पहनें और दो गज की दूरी बना करके रखें । सरकार और स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जारी की गई शिकायतों का ईमानदारी के साथ में पालन सुनिश्चित करें । उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित लोगों में 80 प्रतिशत से अधिक मामले एसिंप्टोमैटिक मरीजों के सामने आ रहे हैं । जिन्हें कि होम आइसोलेशन के द्वारा ही स्वस्थ किया जा रहा है । कोरोना कोविड-19 के मौजूदा दौर को देखते हुए छोटे बच्चे हार्ट पेशेंट, वरिष्ठ नागरिक, गर्भवती महिलाएं बेवजह बाहर निकलने से बचे । हम सभी को करुणा मुक्त समाज राज्य और देश बनाने का संकल्प लेना चाहिए ।

इसी मौके पर पटौदी के एसडीएम राजेश कुमार प्रजापत ने कहा कि कोरोना काल के दौरान जिस समर्पण भाव से आशा वर्कर और एएनएम के द्वारा विपरीत हालात और अत्यधिक जोखिम के समय में भी घर-घर गली-गली जाकर संदिग्धों की पहचान सहित थर्मल स्कैनिंग की गई । वह अपने आप में माननीय और अनुकरणीय कार्य है । इस कार्य के लिए सभी कोरोना योद्धा बधाई के पात्र हैं । जिस साहस और हिम्मत के साथ इन्होंने कार्य किया , उसकी बदौलत ही आज कोरोना को पांव फैलाने पर लगाम कसा जाना आसान होता जा रहा है । एसडीएम राजेश ने कहा कि कोरोना कोविड-19 से लड़ाई के खिलाफ आशा वर्कर और एएनएम वास्तव में मजबूत कड़ी और रीड साबित हुई हैं।

पटौदी के विधायक सत्य प्रकाश जी रावता ने कहा कि कोरोना काल के दौरान जिला प्रशासन राज्य सरकार के द्वारा जो भी जैसा भी और जितना भी कार्य किया गया, वह अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है । बिना किसी विलंब के कोरोना कोविड-19 को काबू करने सहित इसे हराने के लिए सरकार के द्वारा सभी प्रकार के संसाधन उपलब्ध करवाने का सिलसिला अभी भी जारी है । विधायक ने कहा कि करोना को हम सभी को मिलकर हराना है और हर आने की हम सभी में हिम्मत सहित ताकत भी है।  मेजबान अस्पताल की एसएम हो डॉक्टर नीरू यादव ने कहा कि पटौदी जैसे ग्रामीण अंचल में लोगों की जागरूकता और सहयोग के कारण ही यहां पर हालात बहुत ही संतोष जनक है तथा संदिग्द्धों की जांच और सेंपल की सुविधा भी सरकारी अस्पताल में उपलब्ध है।
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