मनीषबलवान सिंह जांगड़ा, हिसार
प्रदेशभर के सभी शैक्षणिक सस्थानों व विश्वविद्यालयों में सरकार द्वारा दी जाने वाली पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप पोर्टल पर विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी में हरियाणा स्कूल और बिजनेस(एचएसबी) में शोधार्थी अमरजीत ने बताया कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप(पीएमएस) पोर्टल पर फॉर्म भरते वक़्त छात्रों को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पोर्टल में विश्वविद्यालय का नाम, कोर्स का नाम, विद्यार्थी की कैटेगरी को लेकर तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश के सभी विश्विद्यालयों से पीएमएस पोर्टल की तकनीकी समस्या को लेकर मुझे छात्रों के फ़ोन आ रहे हैं। छात्रों को फॉर्म भरते वक़्त यूनिवर्सिटी का नाम, आईडी व पासवर्ड, कोर्स का नाम, जाति वर्ग को लेकर दिक्कतें आ रही हैं जिसकी वजह से फॉर्म भरने में भी दिक्कतें आ रही हैं। 

कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को अगवत करवाया गया है।

चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में पढ़ रही छात्रा रेखा रानी ने बताया कि सरकार द्वारा दी जाने वाली पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप को लेकर सभी छात्रों ने पिछले वर्ष भी विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत करवाया गया है लकिन अभी तक हमारी समस्या का कोई स्थाई समाधान नही हो।पाया है। हर बार कुलपति महोदय के सामने हम हमारी समस्या को रखते हैं लकिन आश्वासन के अलावा हमे कुछ नही मिलता। उन्होंने आगे कहा कि हम विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग करते हैं कि पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी स्कॉलरशिप हेल्पडेस्क की स्थापना कर विद्यार्थियों के फॉर्म भरने की व्यवस्था की जाए।
उच्चतर शिक्षा विभाग, रजिस्ट्रार सीडीएलयू, कुलपति जीजेयू को ज्ञापन पत्र लिखा।

जीजेयू में डॉ अम्बेडकर स्टूडेंट्स फ्रंट ऑफ इंडिया ने डिप्टी रजिस्ट्रार को सौंपा ज्ञापन।

सोमवार को गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी में डीएसएफआई ने विश्वविद्यालय गेट पर पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप को लेकर तथा फीस संबंधी समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई डीएसएफ़आई प्रदेशाध्यक्ष व अधिवक्ता विक्रम अटल ने की। विक्रम अटल ने कहा कि एक तरफ कोरोना महामारी के चलते छात्रों की शिक्षा पर असर पड़ रहा है ऐसे में यूनिवर्सिटी प्रशासन छात्रों की समस्याओं को अनदेखा कर रहा है। यूजीसी की गाइडलाइंस के मुताबिक यूनिवर्सिटी फीस नही बढ़ा सकती लेकिन जीजेयू प्रशासन ने रिअपीयर के आवेदन के लिए पांच गुणा फीस ली।

डीएसएफआई की जीजेयू इकाई की कोषाध्यक्ष लक्षिका सरोहा ने बताया कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप को लेकर हमने कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत करवाया है लेकिन अबतक कोई स्थाई हल नही निकला है। करीब तीन साल तक एससी,बीसी के छात्रों की स्कॉलरशिप नही आई थी लेकिन कई प्रदर्शनों के बाद प्रशासन ने हमारी सुध ली और स्कॉलरशिप सम्बंधित छात्रों के बैंक खातों में आई।  लेकिन अब सभी सम्बंधित छात्रों को पीएमएस पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पोर्टल पर कोर्स का नाम, जातिवर्ग या लॉग इन की दिक्कतें आ रही हैं। दूसरी ओर कोरोना संकट की वजह से विद्यार्थियों को पढ़ाई का नुकसान हो रहा है ऐसे में प्रशासन रिअपीयर की फीस यूजीसी की गाइडलाइंस के बावजूद ज्यादा ले रहा है।

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दिया आश्वासन।

छात्रों की मांग पर यूनिवर्सिटी प्रशासन की तऱफ से डिप्टी रजिस्ट्रार सत्यपाल मलिक ने आश्वासन दिया कि पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों का जल्द ही समाधान कर दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा की मेडिकल साइंसेज व टेक्निकल कोर्स के लिए अलग से पोर्टल खोला जाएगा। रेगुलर कोर्स की फीस को लेकर उन्होंने कहा कि हमारी तरफ से कोई फीस नही बढ़ाई गई है ये एक तकनीकी दिक्कत थी जिसको ठीक कर दिया है। रिअपीयर की लेट फीस को लेकर उन्होंने कहा की यह पूरी तरफ से विद्यार्थियों की गलती है हमने समय-समय पर विद्यार्थियों को फॉर्म को लेकर अवगत करवाया था। डिप्टी रजिस्ट्रार ने फाइनल ईयर की परीक्षाओं को लेकर कहा कि अभी विचार-विमर्श चल रहा है जो भी फैसला होगा वो छात्रहित में होगा।

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