करीब एक पखवाड़े के बाद मिली आम लोगों को बड़ी राहत

रामलीला कमेटी प्रबंधन ने किया हरियााणा
 न्यूज़ अपडेट का आभार व्यक्त

फतह सिंह उजाला
पटौदी ।
 पटौदी रामलीला मैदान में मार्केट कमेटी प्रशासन और पटौदी सब्जी मंडी वेलफेयर एसोसिएशन के सांझा अनुरोध पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सब्जी मंडी के लिए रामलीला मैदान परिसर उपलब्ध करवाया गया था । जिस की समय अवधि 30 जून को समाप्त हो चुकी थी ।

इसके बाद यहां से सब्जी मंडी को तावडू रोड पर ही पुरानी सब्जी मंडी स्थान पर ही स्थानांतरित कर दिया गया । लेकिन सबसे बड़ी चिंता की बात यह रही कि सब्जी विक्रेता-सब्जी आढ़ती अपने अपने तंबू के साथ अपना सामान तो परंपरागत सब्जी मंडी में सिफ्ट कर ले गए। लेकिन सौगात के तौर पर पटौदी रामलीला मैदान परिसर में सैकड़ों क्विंटल गली सड़ी सब्जियां छोड़ दी गई।  बीच में तीन -बार बरसात होने के साथ ही और ऊपर से गर्मी के कारण रामलीला मैदान परिसर में छोड़ दी गई सब्जियां इस हद तक गल सड़ गई की बदबू के कारण आसपास के लोगों सहित दुकानदारों का जीवन एक प्रकार से नारकीय बन गया । गली सड़ी सब्जी से उठने वाली दुर्गंध असहनीय बदबू से रामलीला मैदान परिसर में ही काश्तकार करने वालों सहित आसपास के लोग भी परेशान हो गए ।
इसके बाद में पटौदी रामलीला कमेटी प्रबंधन के द्वारा बार-बार पटौदी नगर पालिका प्रशासन , मार्केट कमेटी प्रशासन को रामलीला मैदान परिसर में गली सड़ी सब्जियों के फोटो के साथ में सूचना देकर सफाई किए जाने का आग्रह किया गया । लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर रामलीला कमेटी प्रबंधन ने मीडिया का सहारा लिया और जब यह मामला मीडिया के द्वारा सुर्खियां बना तो संबंधित विभाग में खलबली मच गई । इस बीच मे ंरामलीला मैदान परिसर में गली सड़ी सब्जियों से हो रही आमजन को परेशानी की सूचना पटौदी के एसडीएम राजेश प्रजापत के संज्ञान में भी लाई गई । इसके बाद असर यह हुआ कि आनन-फानन में एक दिन पहले ही समाचार प्रकाशित होते ही संबंधित विभाग के द्वारा रामलीला मैदान परिसर से तमाम गली सड़ी सब्जियों को यहां से जेसीबी के द्वारा ट्रैक्टर ट्राली में लाद करके किसी अन्यत्र अन्यत्र स्थान पर डाल दिया गया है । अब यह गली सड़ी सब्जियां कहां डाली गई हैं , अथवा कहां डंप की गई हैं ? यह भी एक रहस्य ही बना है । यदि किसी खुले स्थान पर वैसे ही फेंक दी गई होंगी तो बीमारियां फैलने का डर पहले की तरह ही बना रहेगा ।

लोगों का साफ-साफ कहना है कि जिस हिसाब से यह सब्जियां गल सड़ चुकी थी और बदबू के साथ में कथित रूप से असहनीय गैस भी यहां से निकलने लगी थी। इन सब हालात में ऐसी गली सड़ी सब्जी को जमीन में गड्ढा खोदकर गहरा दाबना ही अधिक बेहतर हो सकता है । बहरहाल जो भी हो पटौदी रामलीला कमेटी प्रबंधन के द्वारा मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग का भी धन्यवाद ज्ञापित किया गया है कि देर से ही भले कम से कम रामलीला मैदान परिसर की सफाई तो हो ही गई है । यही आम लोगों के लिए बहुत बड़ी राहत की बात है जो लोग रामलीला मैदान के आसपास रहते हैं अथवा बड़ी संख्या में जो दुकानदार हैं सभी को दुर्गंध असहनीय बदबू से राहत मिल गई है ।

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