नहीं दिखे एमएलए जरावता और न पूर्व एमएलए ं विमला के साथ

पटौदी के लिए महत्वपूर्ण बाईपास की मांग हुई है पूरी

केंद्रीय नितिन गडकरी के द्वारा किया गया शिलान्यास

फतह सिंह उजाला
पटौदी ।
 राजनीति है और जो लोग राजनीति से जुड़े हैं वह राजनेताओं के साथ भी रहते हैं और जब मौका खास हो, विशेष हो ऐसे मौके पर स्थानीय राजनेता ही ना दिखाई दें कुछ चर्चा होना स्वाभाविक सी बात है । चर्चाओं के साथ-साथ लोगों के द्वारा अपने अपने कयास भी लगाए जाते हैं ।

मामला 1 दिन पहले का ही है, पटौदी की वर्षों पुरानी और करीब 6 वर्ष पहले की गई घोषणा पटौदी बाईपास का एक दिन पहले ही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के द्वारा शिलान्यास किया गया । इसके साथ ही गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी के बीच में भी फोरलेन सड़क मार्ग का शिलान्यास किया जाना शामिल है । इस मौके पर पटौदी के मौजूदा विधायक सत्य प्रकाश जरावता के कार्यालय पर समर्थक एकत्रित हुए, पार्टी के पदाधिकारी भी शामिल थे । वही पटौदी की पूर्व एमएलए विमला चैधरी के कार्यालय पर भी समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद रहे ।

वर्तमान एमएलए के द्वारा इस ऐतिहासिक मौके पर साक्षी बनने के लिए खास-खास लोगों को आमंत्रित किया गया था । लेकिन इस बात की कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है कि पटौदी और हेलीमंडी नगरपालिका के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन सहित निर्वाचित पार्षदों को भी आमंत्रित किया गया था अथवा नहीं किया गया था ? फिर भी 1 दिन पहले के आयोजन जैसे अन्य किसी भी आयोजन के मौके पर अधिकांशतः जनप्रतिनिधि आयोजन और समारोह की शोभा बढ़ाते रहे हैं । बड़ी हैरानी का विषय यह रहा है कि पटौदी बाईपास पटौदी शहर के बाशिंदों के लिए ही सबसे अधिक लाभकारी साबित होने वाला है । फिर सवाल वही घूम फिर के आ जाता है कि ऐसा क्या कारण रहा की इतनी महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के शिलान्यास की घोषणा और आयोजन के मौके पर मौजूदा विधायक सत्यप्रकाश जरावता के साथ-साथ निवर्तमान विधायक विमला चैधरी के साथ भीं कोई भी जनप्रतिनिधि दिखाई नहीं दिया या फिर यह मान लिया जाए की आमंत्रित नहीं किया गया ? बेशक आमंत्रित नहीं किया गया हो फिर भी इतनी बेरुखी  नहीं होनी चाहिए कि वह लोगों के बीच में चर्चा का विषय बन जाए ।

हेलीमंडी पालिका चेयरमैन की बात की जाए तो वह पूरी तरह से राव इंद्रजीत सिंह के कट्टर समर्थक रहे हैं। और पूर्व विधायक विमला चैधरी के भी नजदीकी हैं। विधानसभा चुनाव की बात करें तो वह मौजूदा विधायक के चुनावी अभियान से स्वयं को अलग ही रखे हुए थे । अब सवाल यही है की कम से कम राव इंद्रजीत सिंह की कट्टर समर्थक रही पूर्व विधायक विमला चैधरी के कार्यालय पर हेलीमंडी पालिका चेयरमैन को अपने साथ ही समर्थक पार्षदों के साथ तो कम से कम ऐसे आयोजन के मौके पर पहुंच कर खुशी में शामिल होना चाहिए था । वही पटौदी के चेयरमैन , वाइस चेयरमैन और पार्षदों की बात की जाए तो इनमें से अधिकांशतः राव इंद्रजीत सिंह के साथ साथ मौजूदा विधायक सत्यप्रकाश चरावता के भी बेहद नजदीक रहे हैं । पहले ही दिन से पटौदी पालिका चेयरमैन , वाइस चेयरमैन व अन्य पार्षद सत्य प्रकाश जरावता के साथ में ताल से ताल मिलाकर चलते आ रहे हैं लेकिन सवाल फिर वही की ऐसी क्या मजबूरी रही की पटौदी के लिए बाईपास के साथ-साथ गुड़गांव-पटौदी-रेवाड़ी फोरलेन सड़क मार्ग के शिलान्यास समारोह के मौके पर विधायक सत्यप्रकाश रावता के कार्यालय पर भी दिखाई नहीं दिए।

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