आठवीं कक्षा में बोर्ड की परीक्षा होगी।

मनीषबलवान सिंह जांगड़ा, हिसार
हरियाणा में 11 साल बाद आठवीं क्लास में बोर्ड की परीक्षा होंगी। शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर जानकारी दी है जिसमे आठवीं क्लास के छात्रों को भी हरियाणा बोर्ड के तहत परीक्षा देनी होगी।


इससे पहले 2009-10 में हुई थी बोर्ड की परीक्षा।

बता दे इससे पहले 2009-10 में अंतिम बार आठवीं की बोर्ड की परीक्षा हुई थी। हुड्डा सरकार में 'शिक्षा के अधिकार' के तहत आठवीं की बोर्ड हटा दिया गया था। शिक्षा के अधिकार के तहत आठवीं तक के विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से पास करने की नीति लागू हुई थी। लेकिन आठवीं तक विद्यार्थियों को पास न करने की नीति से विद्यार्थियों में परीक्षा का डर ख़त्म हो गया था। लगातार विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम का स्तर गिरता जा रहा था। इसका असर दसवीं व बारहवीं के परिणामों पर भी पड़ रहा था।

दूसरी पारी में बोर्ड लागू करने में सरकार सफल रही।

2014 में विधानसभा चुनाव जीत कर आई बीजेपी सरकार ने भी आठवीं के बोर्ड को लेकर कोशिशें की थी लेकिन विफल रही। अब दूसरी पारी में सरकार ने विधानसभा के बजट सत्र में आठवीं कक्षा के बोर्ड को लेकर प्रस्ताव को पारित करवा लिया था। जिसे अब विधिवत रूप से विद्यालय बोर्ड सचिव को नोटिस जारी कर आदेश दिया है।

रिअपीयर आने पर मिलेंगे दो अवसर।

हरियाणा निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2011 में बदलाव कर आठवीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षा होगी। शैक्षणिक वर्ष के अंत में यही कोई स्टूडेंट पास नही हो पाता है तो उसे दो अवसर दिए जाएंगे। उसे फ़ेल न करके जिस भी विषय में उसकी रिअपीयर आई है उसी विषय की परीक्षा ली जाएगी। कक्षा में विद्यार्थियों की एसेसमेंट टेस्ट के आधार पर ही बच्चों का वर्गीकरण कर लिया जाएगा। सतत एवं समग्र मूल्यांकन की समुचित व्यवस्था की जाएगी। मौलिक शिक्षा निदेशक ने बोर्ड सचिव को तुरंत प्रभाव से बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में आवश्यक कदम उठाने तथा एक्शन टेकन रिपोर्ट देने को कहा है

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