बीमारी रोकथाम को स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी तैयारियां पूरी

बीमारियों से बचाने को विभाग आपसी तालमेल से कार्य करें

फतह सिंह उजाला
गुरूग्राम । 
मानसून सीजन में मच्छर जनित बीमारियों जैसे -डेंगू , मलेरिया तथा चिकनगुनिया से बचाव व रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इन बिमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक्शन प्लान बनाते हुए काम किया जा रहा है।

इस बारे में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डा. विरेन्द्र यादव ने बताया कि मानसून के मौसम में डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियां अधिक फैलती है। ऐसे में जरूरी है कि इन बीमारियों से बचाव को लेकर पहले से ही आवश्यक कदम उठाएं जाएं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के कर्मचारी घर-घर जाकर कूलर,टंकियांे, हौदियों , गमलों व टायर इत्यादि की चैकिंग करने के साथ साथ लार्वा के ठहराव वाले स्थानो की सफाई करने के लिए लोगो को भी जागरूक कर रहे हैं।  

सिविल सर्जन ने बताया कि मानसून सीजन के दौरान जिलावासियों विशेषकर बच्चों को डायरिया व अन्य जल जनित बीमारियों से बचाने के लिए विभाग आपसी तालमेल से कार्य करें। जिला में 15 जुलाई तक 99867 घरो का सर्वे किया जा चुका है। इस दौरान 48325 कुलर , 40835 टंकी, 19189 हौदी , 75950 कंटेनर गमले इत्यादि चैक किए गए तथा अनियमितता पाए जाने पर 164 लोगो को नोटिस जारी किया गया। सिविल सर्जन गुरूग्राम ने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं वे डेंगु व मलेरिया की रोकथाम के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेें तथा अपने-2 कार्यक्षेत्र मेेें फिवर मास सर्वे व सामुदायिक बैठक तथा लारवीसाईड का कार्य अच्छी प्रकार से करे ताकि मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम की जा सके। सिविल सर्जन द्वारा सभी प्राईवेट अस्पतालोें एवं लैब संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे डेंगू की जाचं हेतु 600 रूपये से ज्यादा ना लें।

मलेरिया, डेंगू तथा चिकनगुनिया बीमारियों के लक्षण के बारे में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन ने बताया कि मलेरिया फैलाने वाला एनोफलिस मादा मच्छर खड़े पानी में पनपता है और वह रात को काटता है। मलेरिया की रोकथाम के लिए सभी लोगों को चाहिए कि वे या तो मच्छर पैदा ना होने दे और पैदा हो जाए तो उससे मच्छरदानी या मच्छर भगाने की क्रीम अथवा रिपैलेंट लगाकर स्वयं को बचाएं। इसी प्रकार, डेंगू फैलाने वाला एडीज मादा मच्छर दिन में काटता है और साफ पानी में पनपता है। यह मच्छर  200 मीटर क्षेत्र में ही रहता है जिसकी वजह से एक घर में डेंगू होने पर उसके सदस्यों व आस-पास के क्षेत्रों मे डेंगू होने का खतरा रहता है। उन्होंने कहा कि चिकनगुनिया जानलेवा नहीं है, यह वायरल बुखार की तरह ही होता है जिसमें जोड़ो में दर्द होता है।  

उन्होंने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि वे सप्ताह में एक बार कूलर के पानी को पूरी तरह खाली करके उसे सुखाएं। इसी प्रकार, घर के पास टूटे हुए मटकों, गमलो, फूलदानों, टायरों आदि में पानी इक्कठा ना होने दें। घर की छत पर पानी ना रूकने दें। डेंगू से बचाव का एक ही तरीका है और वह है सावधानी रखना। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति डॉक्टर की सलाह के बिना डेंगू की दवा ना ले क्योंकि यह व्यक्ति के जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। 

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