मनीषबलवान सिंह जांगड़ा, हिसार
कोरोना संकट के बीच हरियाणा बीजेपी में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बिरेंद्र सिंह ने नए अध्यक्ष को लेकर खबरों को हवा दी है। चौधरी बीरेंद्र सिंह की माने तो जल्द ही नए बीजेपी अध्यक्ष की घोषणा हो सकती है। दिल्ली में मुख्यमंत्री से हुई बैठक में उन्होंने नए अध्यक्ष को लेकर अपनी राय दी है मगर ये नही बताया कि किसके नाम को उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए सुझाया है।

चौधरी बीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को बताई अपनी पसंद।

चौधरी बीरेंद्र सिंह ने खुलकर नए अध्यक्ष की वकालत की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को एक मजबूत अध्यक्ष की जरूरत है। ऐसे में सियासी गलियारों में ये सवाल उठने शुरू हो गए हैं कि क्या सुभाष बराला की छुट्टी तय है? पूर्व केंद्रीय मंत्री के अनुसार एक मजबूत अध्यक्ष से मुख्यमंत्री की परेशानियां कम होंगी।

विधानसभा चुनाव हार गए थे सुभाष बराला।

गौरतलब है कि हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला 2019 के विधानसभा चुनाव में टोहाना सीट से हार गए थे और तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि उनकी प्रदेश अध्यक्ष से छुट्टी हो सकती है। लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उनका बचाव किया था। अब दुबारा से अटकलें तेज़ हो गयी है कि किसे बीजेपी आलाकमान नया प्रदेश अध्यक्ष बनायेगी।

सांसद नायाब सिंह सैनी, पूर्व केंद्रीय मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, औमप्रकाश धनखड़ है रेस में।

अध्यक्ष पद की रेस में कुरुक्षेत्र से सांसद नायाब सैनी, कैप्टन अभिमन्यु, औमप्रकाश धनखड़ का नाम सबसे आगे है। भाजपा में मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री की पहली पसंद नायाब सिंह सैनी को बताया जा रहा है। नयाब सिंह सैनी ने आरएसएस व बीजेपी में कई पदों पर काम किया है, वे मुख्यमंत्री के भी करीबी के तौर पर देखे जाते हैं। नयाब सिंह को राजकुमार सैनी की जाति आधारित राजनीति की काट के तौर पर भी देखा जाता है। प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर ओबीसी कोटे से नेता के रूप में एक मजबूत अध्यक्ष साबित होंगे।
दूसरी ओर कैप्टन अभिमन्यु व ओपी धनखड़ जाट दोनों ही मजबूत जाट नेता हैं। जाट आरक्षण में बीजेपी के रवैये से नाराज जाट वोट बैंक को रिझाने में अहम साबित होंगे। इसके इतर दोनों ही नेताओं के केंद्रीय राजनीति में अच्छी पकड़ है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पहुंचे दिल्ली।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर राजनीतिक मामलों पर चर्चा करने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। कोरोना संकट के बाद मुख्यमंत्री का ये पहला दौरा है। इस दौरे के साथ हरियाणा बीजेपी में राजनीतिक हलचल तेज़ हो गयी है। मुख्यमंत्री दिल्ली में केंद्रीय मंत्रिमंडल के साथ साथ आरएसएस के नेताओं से भी बात करेंगे और नए अध्यक्ष को लेकर चर्चा करेंगे।



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