ज्योति जांगड़ा, हिसार 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने मन की बात में कहा कि सभी लोग इस साल के बारे में ही बात कर रहे हैं। कोई कहता है कि यह साल कब बीतेगा। पीएम मोदी जी ने कहा कि यह साल पूरे विश्व के लिए आपदा भरा वर्ष हैं। कोरोना महामारी, टिड्डी दल का हमला, भूकंप के झटके, साइक्लोन और इसी बीच हमारा भारत पड़ोसी देश की चुनौतियां से भी निपट रहा है। ये सभी आपदाएं बहुत चुनौतीपूर्ण है। भारत का इतिहास ही चुनौतियों से भरा है परंतु सभी चुनौतियों का भारत ने करारा जवाब दिया है। और एक नए रूप में निखर कर सामने आया है। संकट की इस घड़ी में भी हमारी संस्कृति आगे बढ़ती रहेगी। सभी का हौसला बढ़ाते हुए मोदी जी ने कहा कि भारत ने मुश्किल समय में पड़ोसी देशों की मदद की। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा कि "लद्दाख में भारत की भूमि पर आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब मिला है। भारत मित्रता निभाना जानता है तो आंख में आंख डाल उसी पर जवाब भी देना जानता है। हमारे वीर सैनिकों ने दिखा दिया है कि वह मां भारती पर कभी आंच नहीं आने देंगे।"
मोदी जी ने लद्दाख में हुए 20 वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पूरा देश उनका आभारी हैं। पीएम मोदी जी ने कहा कि देश के कई हिस्सों से लोग मुझे पत्र लिखते हैं कि सुरक्षा बल को ओर मजबूत बनाये, व सभी को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करें। 
मोदी जी ने भारत के बारे में कुछ पंक्तिया भी कहीं "भारत का संकल्प है भारत के स्वाभिमान और संप्रभुता की रक्षा। 
भारत का लक्ष्य है आत्मनिर्भर भारत। 
भारत की परंपरा है भरोसा मित्रता। 
भारत का भाव है बंधुता। हम इन्हीं आशाओं के साथ आगे बढ़ते रहेंगे।"
पीएम मोदी जी ने कहा कि अब हमें इस महामारी के दौरान अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना होगा और अनलॉक में सतर्कता बरतनी होगी। हमने इस लॉकडाउन में कुछ ऐसे ऐतिहासिक अनलॉक भी किए हैं जैसे अंतरिक्ष क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं।  इन सुधारों से क्षेत्र को नई ऊर्जा व गतिविधि मिलेगी।  अंत में पीएम मोदी जी ने सभी से विदा लेते हुए कहा कि आप सभी मुझे इनोवेटिव आइडियाज लिखकर भेजिए और हम सभी यह संकल्प लें कि हम 2020 को बेहतर बनायेगे। 
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