वेस्ट एकेडमी स्कूल का पटौदी परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत

स्कूल के चेयरमैन डॉक्टर नरेंद्र यादव ने दी शुभकामनाएं

फतह सिंह उजाला
पटौदी ।
 पटौदी क्षेत्र के वेस्ट एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल का सीबीएसई का 10वीं का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा है। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली छात्रा छात्रा आस्था गोस्वामी पुत्री योगेंद्र गोस्वामी ने 97 प्रतिशत अंक प्राप्त किए । छात्रा आस्था गोस्वामी को आदर्श ब्राह्मण सभा पटौदी के सलाहकार प्रवीण वशिष्ठ व गुलाब कौर मेमोरियल अस्पताल के चेयरमैन डॉ अमिताभ यादव, गुलाटी ऑटोमोबाइल्स के एमडी प्रवीण गुलाटी के द्वारा विशेष रुप से सम्मानित और प्रोत्साहित किया गया ।

छात्रा आस्था गोस्वामी ने बताया कि श्रेष्ठ प्रदर्शन करने के साथ-साथ बोर्ड परीक्षा में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त करने में स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों का मार्गदर्शन हमेशा से प्रोत्साहन देता रहा। पढ़ाई के साथ साथ उसकी अन्य गतिविधियों में भी रुचि रही है। छात्रा गोस्वामी ने कहा कि वह आगे मेडिकल स्ट्रीम में पढ़ाई करके भविष्य में डॉक्टर बनना चाहेगी । वेस्ट अकैडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के चेयरमैन डॉक्टर नरेंद्र यादव और प्रिंसिपल विजेंद्र यादव के मुताबिक बोर्ड परीक्षा में कुल 90 छात्रों ने एग्जाम दिया और इस बात की खुशी है कि 90 में से 20 विद्यार्थी ऐसे हैं जिन्होंने 95 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करके एक नया कीर्तिमान बनाया है।

विद्यालय के 90 में से 60 विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक व इनमें से 36 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं। इनमें से 20 विद्यार्थियों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं। विद्यालय का विद्यार्थी ईशान गर्ग 98.6 प्रतिशत अंक लेकर विद्यालय में प्रथम, अदिति 98 प्रतिशत अंक लेकर द्वितीय तथा प्राची व दिव्या यादव 97.6 प्रतिशत अंक लेकर विद्यालय में तृतीय स्थान पर रही हैं। स्नेहा ने 97.2 प्रतिशत, कैप्रियत यादव ने 96.8, रिया, आस्था गोस्वामी व यशिका जैन ने 96.6, धीरज कुमार, महक व ईशु ने 96.4, इशिता व खुशी ने 96, निशिका लतियान ने 95.6, पलक व कुमकुम ने 95.4, कनिका व रितेश जांघू ने, 95.2 तथा जतिन ने 95 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।
 
चेयरमैन डाक्टर नरेंद्र सिंह यादव ने सभी छात्र छात्राओं को बधाई देते हुए भविष्य में इसी प्रकार से बेहतर प्रदर्शन करते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की है । डॉ यादव ने कहा कि छात्रों को छात्र जीवन में पढ़ाई पर समुचित ध्यान देना चाहिए , लेकिन पढ़ाई के साथ साथ अन्य गतिविधियों पर भी ध्यान देना जरूरी है। जिससे कि पढ़ाई एक अनावश्यक बोझ महसूस ना हो और छात्र हल्का-फुल्का महसूस करते हुए तरोताजा मन मस्तिष्क के साथ अपना अध्ययन करते रहे।



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