नेपाल के प्रधानमंत्री ने लगाया भारत पर आरोप।

मनीषबलवान सिंह जांगड़ा, हिसार

इन दिनों नेपाल के प्रधानमंत्री को पार्टी की स्टैंडिंग कमेटी में आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी के अंदर केपी ओली के इस्तीफे की मांग तेज़ हो रही है, इसको लेकर नेपाल के प्रधानमंत्री ने कहा की मुझे प्रधानमंत्री के पद से हटाने के लिए दिल्ली और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास में साज़िश रही जा रही है।

नेपाल के नए नक़्शे के बाद भारत साज़िश रच रहा है।

ओली ने रविवार को मदन भंडारी फाउंडेशन में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, अभी चल रही बौद्धिक चर्चाएं, नई दिल्ली से आ रही मीडिया रिपोर्ट, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास की गतिविधियां और अलग-अलग होटलों में चल रही बैठकों से यह समझना मुश्किल नहीं है कि कैसे लोग सक्रिय रूप से मुझे हटाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वो सफल नहीं होंगे।''

नेपाल ने देश का नया नक्शा जारी किया।


नेपाल की संसद ने देश का नया नक्शा जारी किया था तो भारतीय दूतावास से इसपर अपनी आपत्ति जताई थी और इसके पीछे की वजह चीन की नेपाल से नजदीकियों को बताया था। हालांकि देश के नए नक़्शे को लेकर नेपाल की किसी भी पार्टी ने सरकार की आलोचना नही की। नेपाल ने अपने नक़्शे में कालापानी, लिपुलेख, लिम्पियाधुरा को नेपाल में दिखाया है।

पीएम ओली स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में शामिल होने से बच रहे हैं।

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाए हैं कि प्रधानमंत्री पार्टी की स्टैंडिंगकमेटी की बैठक में हिस्सा लेने से बच रहे हैं। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमिटी के सदस्य महेश्वर दहाल ने कहा, ''जब प्रधानमंत्री को पार्टी की चल रही बैठक में अपनी बात और मतभेद को रखना चाहिए तो वो अपना विचार बाहर रख रहे हैं। इससे उनकी मुसीबतें कम होने की बजाय ज्यादा होंगी। यह हैरान करने वाला है कि ओली पार्टी की बैठक से बच रहे हैं और अलग-अलग फोरम में अपनी बात कह रहे हैं. इससे पार्टी के बीच मतभेद ही बढ़ेगा।''

ओली प्रधानमंत्री रहें या पार्टी प्रमुख।

अब नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के भीतर यह मांग भी उठने लगी है कि या तो ओली पार्टी प्रमुख रहें या प्रधानमंत्री. पार्टी के सीनियर नेता प्रचंड, माधव कुमार नेपाल झाला नाथ खनाल, बामदेव गौतम और नारायण काजी श्रेष्ठ के बारे में कहा जा रहा है कि वो इस मांग से सहमत हैं. 

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