गौचारे की जमीन का मुद्दा

एमएलए राकेश दौलताबाद और एसपी जरावता से मिले लोग

संसद व केंद्र में मंत्री राव इंद्रतीज को भी कराएंगे अवगत

फतह सिंह उजाला
पटौदी। 
 नगर पालिका फर्रुखनगर  की 25 एकड़ गौचारे की खाली पड़ी जमीन पर नगर निगम गुरुग्राम द्वारा अस्थाई तौर पर कूड़ा डालने को लेकर इलाके के गणमान्य लोगो व पार्षदों द्वारा विरोध किया गया। इसका विरोध प्रदर्शन करने के लिए 5 दर्जन से अधिक गांवों के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

पंचायत की अध्यक्षता किसान नेता राव मान सिंह ने की। पंचायत में विभिन्न तीन प्रतिनिधि मंडल का गठन किया। जिसमें से एक प्रतिनिधि मंडल की टीम पटौदी के विधायक सत्यप्रकाश जरावता के पास गई। वही दूसरी टीम बादशाहापुर के विधायक राकेश दौलताबाद से मिलने गई है। इसके अलावा तीसरी टीम सांसद राव इंद्रजीत सिंह से मिलने जाएगी। वही पंचायत में फैसला लिया गया कि प्रशाशन की तरफ से कूड़ा डालने की समस्या पर कोई समाधान नही किया तो लोग सरकार के खिलाफ नारेबाजी व रोड जाम, भूख हड़ताल करने के लिए मजबूर हो जायेगे। पंचायत में इलाके से आए लोगों ने गौचारे की जमीन पर डाले जाने कूड़े को लेकर जमकर विरोध किया। वही इस मामले की पैरवी करने के लिए 51 लोगों की कमेटी गठित की। इलाके के लोगों ने कहा कि फर्रुखनगर की गौचारे की भूमि पर कूडा कचरा नहीं डालने दिया जाएगा। इस मौके पर इलाके से मनोज यादव सरपंच मोकलवास , फूलचद  जैन ,जय भगवान नंबरदार, नन्द किशोर यादव, रिषी  यादव ,डीपी मास्टर,ज्ञानचंद,सुरेश गुरावालिया,पवन यादव, माया शर्मा, अधिवक्ता संदीप यादव, बीजेपी मंडल अध्यक्ष दौलतराम, पूर्व पार्षद नीरू शर्मा, सरपंच धर्मपाल चैधरी, कृष्ण पंडित पातली, सरपंच गोविंद यादव, सुनील यादव, समाजसेवी बाल किशन यादव आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे।


पंचायत में मौजूद लोगों के मुताबिक पहले बड़े भू-स्वामियों द्वारा 25 एकड भूमि गौचारे के लिए छोडी गई थी। जिसकी देखरेख की जिम्मेवारी नपा को सौंपी गई थी। इस भूमि पर कॉलेज, खेल का मैदान, पार्क तथा गरीब लोगों को प्लाट आवंटन की मांग उठती रही। लेकिन सरकार ने गौचारे का हवाला देकर उन सभी मांगों को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। लेकिन सरकार अब उसी गौचारे की जमीन में नगर निगम गुरुग्राम से निकलने वाले कूडे को डाले जाने के लिए कार्य गोचारे की भूमि पर ट्रैक्टर, जेसीबी द्वारा जोरो से कार्य किया जा रहा है।

नपा सचिव के के यादव द्वारा कोर्ट में दिए गए हलफनामें में यह हवाला दिया गया कि गौचारे की भूमि के 2 किलो मीटर में कोई आबादी नहीं है। जबकि गोचारे की भूमि के एरिया में कई ढाणियो के अलावा दो गैस एजेंसी व सरकारी व गैर सरकारी स्कूल भी है। वही गुरुग्राम कोर्ट ने सचिव के हल्फनामे को आधार मान कर उक्त भूमि से स्टे आडर हटा लिए है जिसके बाद गुरुग्राम नगर निगम ने गोचारे की जमीन पर काम करना शुरू कर दिया है। 

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