CBSE 10वीं में हरियाणा के छात्रों ने किया टॉप,अंजलि और पूर्वांशु देश में पहले स्थान पर

नई दिल्ली ब्युरो। 
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं की परीक्षा में हरियाणा के छात्र-छात्राओं ने अपना परचम लहराया है। कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा के पूर्वांशु गर्ग और नारनौल की अंजली ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। पूर्वांशु गर्ग ने 500 में 500 अंक हासिल कर इतिहास रचा है। पूर्वांशु पिहोवा के टैगोर पब्लिक स्कूल के छात्र हैं। 

पूर्वांशु वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं।
पूर्वांशु ने गणित में 100, पंजाबी में 100, सामाजिक विषय में 100, अंग्रेजी में 100 और विज्ञान में भी 100 में 100 अंक हासिल किए हैं। पूर्वांशु के पिता राजेश गर्ग दुकानदार हैं और मां संगीता रानी गृहिणी हैं। महेंद्रगढ़ जिले गांव सिलारपुर की बेटी अंजलि ने 10वीं कक्षा की परीक्षा में 500 में 500 अंक हासिल किया है। अंजलि को ऐच्छिक विषय में भी 100 में 100 अंक मिले हैं।

न्यूरो सर्जन बनकर सेवा करना चाहती हैं अंजली
नारनौल के गांव सिलारपुर की बेटी अंजली पुत्री रामनरेश ने दसवीं सीबीएसई की परीक्षा में 500 में 500 अंक लेकर पूरे देश में टॉप किया है। उसने गणित, सामाजिक अध्ययन, हिंदी, विज्ञान, अंग्रेजी और ऐच्छिक विषय संगीत में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए हैं। अंजली ने बताया कि वे न्यूरो सर्जन बनकर देश की सेवा करना चाहती है। इस उपलब्धि को लेकर अंजली के घर पर खुशी का माहौल है। 
 
अंजली ने कहा कि जब वह चार वर्ष की थी तो उनके पिता सड़क हादसे में घायल हो गए थे। रेवाड़ी के निजी अस्पताल में उनका महंगा इलाज हुआ था। इससे पूरा परिवार परेशान हुआ था। उस घटना के बाद उसने ठान लिया था कि वह बड़ी होकर न्यूरो सर्जन बनेगी और मरीजों की सेवा करेगी।  अंजली ने बताया कि एलकेजी से ही इंडस वैली स्कूल दोंगड़ा में पढ़ाई की। यहां अध्यापक पढ़ाई पर पूरा फोकस करते हैं। स्कूल से आने के बाद चार से पांच घंटे नियमित पढ़ती थी। जो समस्या होती थी उसे स्कूल में समझ लेती थी। बताया कि व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्ट्राग्राम आदि सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी। पढ़ाई से ऊबने पर म्यूजिक सुन लेती थी। कई बार मां के साथ काम में हाथ बटा देती थी। 

अंजली के मुताबिक पढ़ाई का कोई शार्टकट नहीं होता है। लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत कर पढ़ाई करने से बड़े से बड़ा लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। कहा कि दादा गजराज और दादी मिश्री देवी का आशीर्वाद हमेशा उस पर बना रहा है। उनके आशीर्वाद से यह संभव हो पाया है। उसका छोटा भाई विवेक पांचवीं कक्षा में पढ़ता है। 
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