मनीषबलवान सिंह जांगड़ा, हिसार
हरियाणा सरकार में पूर्व सिंचाई मंत्री औमप्रकाश धनखड़ को बीजेपी का नया प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। तमाम अटकलों के बाद पार्टी आलाकमान ने औमप्रकाश धनखड़ के नाम पर मुहर लगाई है। इससे पहले केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु व नयाब सिंह सैनी को लेकर भी क़यास लगाए जा रहे थे।

प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के हैं क़रीबी।

औमप्रकाश धनखड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्टेचू ऑफ यूनिटी के नेशनल कॉर्डिनेटर भी रहे हैं। आरएसएस से जुड़े होने व किसानों के मुद्दों पर अच्छी पकड़ होने की वजह से भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उनके नाम की सिफारिश की थी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से की थी शुरुआत।

झज्जर जिले के ढाकल गांव के किसान परिवार में जन्मे औमप्रकाश धनखड़ को शुरू से शिक्षा में रुचि थी। महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक से एम.ए व एमएड की डिग्री ले भिवानी में 11 साल भूगोल के लेक्चरर भी रहे। औमप्रकाश धनखड़ ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 1978 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) के एक स्वयंसेवक के तौर पर की थी। साल 1980-1986 तक छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(एबीवीपी) में भी काम किया।

दो बार रहे बीजेपी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष।

साल 1996 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी जॉइन की और अटल बिहारी वीजपेयी युग में राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी भी निभाई। ओपी धनखड़ साल 2011-13 व 2013-15 लगातार दो बार बीजेपी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके बाद साल 2014 में हुए लोकसभा चुनावों में रोहतक से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा के खिलाफ लड़े लेकिन जीत नही सके। 2014 के ही हरियाणा विधानसभा चुनाव में उन्हें फिर से पार्टी ने मौका दिया और बदली सीट से जीत दर्ज़ की और मंत्री पद मिला।

सुभाष बराला की जगह लेंगे।

वर्तमान में टोहाना के जाट नेता सुभाष बराला बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। 2019 के विधानसभा चुनाव व उनके बेटे का आइएएस की बेटी का पीछा करने की वजह से उनकी काफ़ी किरकिरी हुई थी। ऐसे में बीजेपी ने 2019 के विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद ही नए अध्यक्ष की खोज़ तेज़ कर दी थी लेकिन कोरोना संकट के चलते चुनाव में देरी हुई। औमप्रकाश धनखड़ भी जाट नेता हैं ऐसे में जानकारों की माने तो बीजेपी हरियाणा ने जाट वोटबैंक को ध्यान में रखते हुए जाट नेता को फिर से अध्यक्ष चुना है।

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