अनाजमंडी फर्रुखनगर गन्दगी के ढेर में बदलती जा रही


आए दिन किसी न किसी अधिकारी का भी दौरा होता है

फतह सिंह उजाला
पटौदी।
  अनाजमण्डी फर्रुखनगर इन दिनो गन्दगी के ढेर में बदलती जा रही है। टूटी सड़क, गहराते रास्तों के गड्ढे, कूडे के सड़ते ढेर में भोजन की तलाश करते आवारा पशु , जगह-जगह  आढतियों द्वारा फैंकी गई बची  हुई सब्जियां, सड़ते शुलभ शौचालय और जगह जगह समूहो में विचरण करते आवारा पशु । यही अनाजमण्डी फरुखनगर पहचान  बनकर रह गई है ।

अनाज मण्डी में जगह जगह रोडियाँ उखड़ी पड़ी है । जिससे गड्ढे बन जाने से बरसात का पानी भरने लगा है । इस कारण मण्डी में आने जाने  को परेशानी हो रही है। खाली पड़ी जमीन मे जगह जगह कूडे़ के बडे़-बड़े ढेर सडने लगें हैं। वजीरपुर रोड़ की तरफ के दोनों गेटों के बीच की चारदीवारी के भीतर की तरफ कूड़ा दिन प्रतिदिन बढता जा रहा है। जिसमें से  हमेशा सड़ान्ध उठती रहती है । बदबू के कारण स्थानीय दुकानदारों, किसानों, व्यापारियों और राहगीरों के अलावा आसपास की बैंक शाखाओं के कारिदों को परेशानी उठानी पड रही  हैं । उसमे आने वाले ग्राहको को भी दिक्कत उठानी पड़ती है ।

शुलभ शौचालय की हालत देखने से पता चलता है कि वर्षों से इसकी सफाई नहीं हो पाई है ,अनाज मण्डी का आलम ये है कि शासन प्रशासन इसकी दुदर्शा को लेकर कुंभकरनी नींद में है । यहॉं पर आए दिन कोई ना कोई अधिकारी भी आए रहते है , इसके अलावा  विधायक सांसद एवं सत्ताधारी नेताओं का भी यहॉ पर आवा गमन लगा ही रहता है । किन्तु ऐसां लगता है कि अधिकारी एवं नेता गण फर्रुखनगर की समस्याओं के प्रति लापरवाह है।

और नया पुराने