सरोज खान ने शुक्रवार सुबह ली जिंदगी की आखिरी सांसे

ज्योति जांगड़ा, हिसार 

हिंदी सिनेमा की मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान का 72 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। शुक्रवार के सुबह 1:52 पर उन्होंने अपनी जिंदगी की आखिरी सांस ली। सरोज खान पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थी।  20 जून को सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें मुंबई के बांद्रा स्थित गुरुनानक हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। देश में कोरोना महामारी के चलते उनका कोरोना वायरस टेस्ट भी हुआ था परंतु रिपोर्ट नेगेटिव आई। 

कैरियर और परिवार-

सरोज खान का जन्म 22 नवंबर 1948 में मुंबई में हुआ था। उनके पति का नाम वि. सोहनलाल है। उनका विवाह 1965 में हुआ था। भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद सरोज के माता-पिता भारत में आ गए थे। सरोज खान ने अपने करियर की शुरुआत तीन साल की उम्र में बाल कलाकार के रूप में की थी। उसके बाद उन्होंने एक असिस्टेंट कोरियोग्राफर के तौर पर अपना काम शुरू किया। उन्हें हिंदी सिनेमा जगत में 1974 में "गीता मेरा नाम" फिल्म के साथ एक स्वतंत्र कोरियोग्राफर के रूप में पहला ब्रेक मिला। सरोज खान ने 2000 से ज्यादा गानों को कोरियोग्राफ किया है। कोरियोग्राफर के तौर पर उन्हें तीन बार बेस्ट कोरियोग्राफर राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले है। उन्हें अमेरिकी कोरियोग्राफी अवार्ड - वंस अपॉन ए टाइम इन इंडिया (2001) में मिला। उन्होंने बॉलीवुड के मशहूर गाने जिनमें मिस्टर इंडिया का हवा हवाई 1987, तेजाब से एक दो तीन 1988, बेटा धक धक करने लगा 1992, देवदास से डोला रे डोला 2002 को कोरियोग्राफ किया है। उन्होंने माधुरी दीक्षित को 2019 में आखिरी बार कोरियोग्राफ किया था। सरोज खान का एक बेटा और एक बेटी भी है जिनका पालन पोषण उन्होंने अकेले ही किया है। 

और नया पुराने