गरीब दत्तक पुत्रियों के विवाह-निकाह से देवता भी प्रसन्न

नेक कार्यक्रम के आयोजकों को बधाई व दान राशि भेट दी

फतह सिंह उजाला
पटौदी । 
 आश्रम हरी मंदिर संस्कृत महाविद्यालय पटौदी के परिसर में महामंडलेश्वर धर्मदेव  के संकल्प के मुताबिक दत्तक पुत्रियों का विवाह और निकाह का आयोजन हो रहा था , तो देव लोक के देवता भी प्रसन्न दिखाई दिए । यह बात प्रदेश के सामाजिक न्याय एंव अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव ने पटौदी आश्रम से गरीब व बेहसहारा पुत्रियों के विवाह समारोह में शामिल होने के बाद कही।

उन्होंने कहा किसी भी पुण्य कार्य के मौके पर बरसात होना भारतीय सनातन संस्कृति में बेहद शुभ माना गया है । उन्होंने कहा कि महामंडलेश्वर धर्मदेव के द्वारा 101 दत्तक पुत्रियो के विवाह का संकल्प लिया जाने के बाद यह कार्य 24 जून को मेजबान पटौदी आश्रम हरि मंदिर संस्था में आरंभ हुआ और इसका समापन 30 जून को होगा ।

श्री यादव ने कहा कि जो 101 दत्तक पुत्रियां महामंडलेश्वर धर्मदेव के द्वारा उनके परिवारों की परिस्थितियों को देखकर विवाह और निकाह के लिए चुनी गई , उनमें 12 मुस्लिम दत्तक पुत्रीयां, 12 ईसाई दत्तक पुत्रियां, 3 सिख दत्तक पुत्रियां और 74 हिंदू दत्तक पुत्रियां शामिल हैै। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपनी नेक कमाई में से गरीब व बेहसहारा लोग के लिए धमार्थ में लगानी चाहिए ऐसा करने से मनुष्य बडे पुण्य का भागी बन जाता है। उन्होंने कहा कि हमें महामंडलेश्वर धर्मदेव द्वारा गरीब व बेहसहारा कन्याओं की शादी से प्ररेणा लेनी चाहिए और जरूरतमंद लडकियों की विवाह के समय मदद करनी चाहिए। उन्होंने अपनी तरफ उक्त कार्यक्रमों के आयोजकों को बधाई व दान स्वरूप  राशि भेट की। उन्होंने यह भी कहा कि उक्त कार्यक्रम के आयोजकों द्वारा कोरोना बिमारी के चलते जिस तरह सावधानी बरती जा रही है। निश्चय ही आयोजक बधाई के पात्र है।

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