मनीषबलवान सिंह जांगड़ा, हिसार
सोनीपत जिले के जाट बहुल क्षेत्र वाले बरोदा हल्के में उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज़ हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने वर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को खुली चुनौती देते हुए कहा की मेरे सामने चुनाव लड़ कर दिखाएं। हुड्डा ने सीएम मनोहर लाल खट्टर पर तंज़ कसते हुए कहा की मुख्यमंत्री किस चीज़ में बरोदा के लोगों की हिस्सेदारी की बात कर रहे हैं। प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा गई है, यहां सरकार ने कोई विकास नही किया है और न ही करेगी। उन्होंने आगे कहा की यहां की जनता समझदार है इसलिए यहां क् लोग भष्टाचार और अपराध में हिस्सेदारी नही चाहते।

सबसे मज़बूद उम्मीदवार उतारेंगे और कांग्रेस भारी मतों से जीतेगी।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उम्मीदवार को लेकर सवाल पूछे जाने पर 
कहा की कांग्रेस पार्टी अपने सबसे मजबूत कैंडिडेट को यहां से उतरेगी और भर्ती मतों से चुनाव जीतेगी। हुड्डा ने कहा की सभी पार्टियों की नज़र बरोदा उपचुनाव पर है। कांग्रेस ने भी चुनाव जीतने की तैयारी कर दी है। कांग्रेस ने चुनाव की तैयारी को लेकर चंडीगढ़ में सोमवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है जिसमे आगे की रणनीति को तय किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा करेंगे।

बीजेपी और जजपा मिलकर चुनाव लड़ेंगे।

शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बरोदा उपचुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया था जिसमे उन्होंने जेजेपी के साथ चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। शनिवार को मुख्यमंत्री ने सोनीपत के खानपुर में महिला मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल का का दौर किया इसके बैठ अधिकारियों के साथ हालात बैठक में हालात का जायज़ा लिया। यहां पहुंचने पर सबसे पहले उन्होंने जिला के गन्नौर खंड के चार, गोहाना खंड के तीन, मुंडलाना के दो व सोनीपत, खरखौदा और राई खंड में निर्मित एक-एक व्यायामशालाओं का उद्घाटन भी किया।

बरोदा से तीन बार विधायक रहे श्रीकृष्ण हुड्डा।

हरियाणा राज्य की स्थापना के बाद सोनीपत के बरोदा विधानसभा सीट पर पहली बार उपचुनाव हो रहा है। बरोदा सीट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है क्योंकि श्रीकृष्ण हुड्डा यहां से तीन बार विधायक बने। पहले 1987 में पहली बार लोकदल की टिकट पर विधानसभा चुनाव जीते। इसके बाद 1996 में समता पार्टी से चुनाव जीता। 2005 में कांग्रेस ज्वाइन कर ली और किलोई सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा गए। 2009 में पहली बार बरोदा सीट से चुनाव जीते थे। 2014 में मोदी लहर ने जब कांग्रेस को चारों खाने चित किया था तो भी श्रीकृष्ण हुड्डा ने बरोदा सीट से चुनाव लड़कर कांग्रेस की लाज बचाई थी। बरोदा सीट जाट बहुल क्षेत्र है जहां पर ज़्यादातर आबादी खेती करती है तो श्रीकृष्ण हुड्डा ने किसानों के लिए बहुत विकास करवाया। खेती के लिए पानी की व्यवस्था, नहरों की मरम्मत व गांव में स्टेडियम बनवाये थे। 2019 में चुनाव जीतने के कुछ महीने बाद उनका निधन हो गया था। श्रीकृष्ण हुड्डा को लोग प्यार से 'ताऊ या दादा' कहकर पुकारते थे। 

अभी कयास लगाए जा रहे हैं की श्रीकृष्ण हुड्डा के निधन के बाद कांग्रेस उनके पुत्र जितेंद्र हुड्डा को चुनाव में उतार सकती है। बरोदा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने राज्यसभा सांसद दीपेन्द्र हुड्डा को उपचुनाव तक सोनीपत में रहने की घोषणा की है।
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