IGU के फैकल्टी विकास ऑनलाइन कार्यक्रम में CM खट्टर 

अजय सागर अत्री,
रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में 15 जून से शुरू हुए फैकल्टी विकास कार्यक्रम का आज विधिवत ढंग से समापन हो गया। मूक्स (MOOCs) एवं मूडल (MOODLE) आधारित इस फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम में देशभर के लगभग 428 शिक्षकों ने भाग लिया, जिन्हें ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण, विद्यार्थियों का मूल्यांकन कराने उनकी आनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने का प्रशिक्षण इस कार्यक्रम के अंतर्गत दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री मनोहर लाल रहे। 
उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी होती है। जहां एक तरफ कोरोनावायरस के कारण लोगों की जीवन चर्या बदल गई और उन्हें घर में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। वही इसके कारण बहुत सी ऑनलाइन शिक्षण पद्धतियों को विकसित करने की प्रेरणा भी मिली।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय की तरफ से शिक्षकों को ऑनलाइन शिक्षण हेतु तैयार करने के लिए यह एक बेहतरीन प्रयास है और इसके लिए मैं उन्हें बहुत बधाई देता हूं। साथ ही शिक्षकों को यह भी चाहिए कि वे केवल पढ़ाने लिखाने तक ही सीमित ना रहे बल्कि अपने विद्यार्थियों में सद्गुणों का प्रचार भी करें। आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना तभी सार्थक सिद्ध हो सकती है जब हम अपने देश के लिए अच्छे नागरिक तैयार करें जो देश के उत्थान को अपना उत्थान माने।
सीएम ने कहा कि सरकार भी अपनी तरफ से हर संभव प्रयास कर रही है और इस दिशा में अनेक ऑनलाइन कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। इस महामारी के कारण गरीबों पर जब रोजगार का संकट आया तो हमने उन्हें रोजगार के लिए सुविधाएं प्रदान की और जिन लोगों को घर जाना था उनके घर जाने की व्यवस्था करवाई। इसके अतिरिक्त 16,00,000 लोगों को 3000 से 5000 रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों के लिए भोजन एवं राशन के वितरण की व्यवस्था भी की गईI जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं थे उनसे ऑनलाइन अप्लाई करवा कर तुरंत उनके लिए व्यवस्था करवाई गई।
मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कुलपति प्रोफेसर सुरेंद्र गक्खड़ ने कहां की यह कार्यक्रम ऑनलाइन शिक्षण कार्य को प्रभावी बनाने में अत्यंत सार्थक सिद्ध होगा क्योंकि अब हम ऑनलाइन माध्यम से असीमित छात्रों को दाखिला दे सकेंगे, उन्हें उन्हें पढ़ा सकेंगे और उनका मूल्यांकन कार्य भी कर सकेंगे इसके अतिरिक्त दूरस्थ शिक्षा का अनुप्रयोग भी किया जा सकेगा।
इसके अतिरिक्त एक अन्य बड़ी घोषणा के अंतर्गत उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों से पंजीकरण शुल्क के रूप में मिलने वाली समस्त राशि हरियाणा कॉविड रिलीफ फंड में जमा कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित किए गए कोविड फंड में जमा लगभग ₹217000 को भी आज ही मुख्यमंत्री कोष में जमा करा दिया जाएगा। विश्वविद्यालय के विभिन्न शिक्षक एवं गैर शिक्षक कर्मचारी तथा तथा आउटसोर्सिंग पर लगे हुए स्टाफ के सदस्यों द्वारा अपने 1 दिन के वेतन के रूप में लगातार दो महीने तक योगदान देकर पहले ही लगभग ₹636000 इस कोष  में जमा कराए जा चुके हैं। इससे पहले इस कार्यक्रम की  सुबह के सत्र में नेशनल बोर्ड आफ एक्रीडिटेशन (एनबीए) के चेयरमैन श्री केके अग्रवाल ने ऑनलाइन शिक्षण में विभिन्न चुनौतियां एवं उनके समाधान के संबंध में विस्तार से समझाया। विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ अन्नपूर्णा शर्मा ने समस्त अतिथियों का धन्यवाद किया और आयोजन टीम के सभी सदस्यों को इस प्रकार के सार्थक एवं उपयोगी आयोजन के लिए बधाई दी।
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